मुंबई /बेंगलुरु : भारत के स्वदेशी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने अधिक समावेशी सैलर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत बनाने के इरादे से पहले से अधिक मजबूत और व्यापक स्तर पर सैलर-केंद्रित नीतियों को पेश किया है। यह पहल, देशभर में एमएसएमई को और मजबूत बनाएगी। ‘'फ्लिपकार्ट ऍज’ पहल के तहत् पेश ये नीतियां 2022 में शुरू किए गए हस्तक्षेपों की बुनियाद पर तैयार की गई हैं। यह प्रोग्राम कारोबारों को ऑनलाइन बिज़नेस के अवसरों का लाभ उठाने के साथ-साथ फ्लिपकार्ट के प्लेटफार्म पर कारोबार करने की सहूलियतों को और बढ़ावा देगा। इन नीतियों के लागू होने पर, ऑनलाइन सैलर इकोसिस्टम, ई-कॉमर्स द्वारा प्रस्तुत जबर्दस्त संभावनाओं का लाभ उठाकर विकास के अगले चरण की ओर कदम बढ़ाएगा।
ये नई नीतियां सैलर इकोसिस्टम को अधिक स्पष्टता, नियंत्रण तथा पारदर्शिता जैसी खूबियों से सुसज्जित बनाते हुए सशक्त करेगा। इस सिलसिले में, कीमतों से संबंधित अनुशंसाएं, प्रमोशंस, रिवार्ड्स प्लेटफार्म, फुलफिलमेंट और स्पीड इनीशिएटिव्स तथा गाइडेंस असिस्टेंस शामिल हैं, जो फ्लिपकार्ट प्लेटफार्म पर कीमतों के मोर्चे पर दक्षता और बिज़नेस ऑपरेशंस की सस्टेनेबिलिटी में सुधार लाने में मददगार साबित होंगी।
राकेश कृष्णन, वाइस प्रेसीडेंट एवं हैड – मार्केटप्लेस, फ्लिपकार्ट ने कहा, ''भारत के स्वदेशी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के तौर पर, हमारा प्रयास इनोवेट, इवॉल्व करने के साथ-साथ ऐसी नीतियों को पेश करने का रहता है जो हमारे प्लेटफार्म की सफलता और कारोबारों की समृद्धि बढ़ाने में मददगार साबित हो सकें। हम अपने प्लेटफार्म पर अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ सॉल्यूशंस के जरिए, कारोबारों के लिए डिजिटल ट्रांजिशन को पहले से भी अधिक सुविधाजनक और आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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