डॉ. सिद्धार्थ शंकर राजू : संघर्ष से सफलता तक की यात्रानई दिल्ली, मार्च 12 : ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा, शोध और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ. सिद्धार्थ शंकर राजू आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उनका जीवन यह दर्शाता है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, मेहनत...
ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026Team
नईदिल्ली, मार्च 12 :ग्रामीणपरिवेशसेनिकलकरशिक्षा, शोधऔरविद्यार्थियोंकेमार्गदर्शनकेक्षेत्रमेंअपनीविशिष्टपहचानबनानेवालेडॉ. सिद्धार्थशंकरराजूआजहजारोंयुवाओंकेलिएप्रेरणाकास्रोतबनचुकेहैं।उनकाजीवनयहदर्शाताहैकियदिव्यक्तिमेंदृढ़संकल्प, मेहनतऔरशिक्षाकेप्रतिसमर्पणहो, तोसीमितसंसाधनोंकेबावजूदभीबड़ीउपलब्धियाँहासिलकीजासकतीहैं।
डॉ. सिद्धार्थशंकरराजूकाजन्मबिहारकेदरभंगाजिलेकेकसरौरगाँवमेंश्रीबिश्वामोहनझाऔरश्रीमतीसुनैनादेवीकेघरहुआ।साधारणग्रामीणपरिवारमेंपले-बढ़ेडॉ. राजूनेप्रारंभसेहीशिक्षाकोअपनेजीवनकाआधारबनाया।कठिनपरिस्थितियोंऔरसीमितसंसाधनोंकेबावजूदउन्होंनेअपनीपढ़ाईजारीरखीऔरधीरे-धीरेशिक्षाकेक्षेत्रमेंएकमजबूतपहचानस्थापितकी।
डॉ. राजूकामाननाहैकिशिक्षाकाउद्देश्यकेवलडिग्रीप्राप्तकरनानहीं, बल्किव्यक्तिकेभीतरआत्मविश्वास, अनुशासनऔरजिम्मेदारीकीभावनाविकसितकरनाहै।यहीकारणहैकिवेअपनेविद्यार्थियोंकोकेवलविषयज्ञानहीनहींदेते, बल्किजीवनमेंआगेबढ़नेकीप्रेरणाभीदेतेहैं।