सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की रोकथाम के लिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग कर जेनेटिक कुंडली बनाये

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी का सुझाव भोपाल। जानलेवा बीमारी सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की संपूर्ण रोकथाम के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े लोगों को मिलजुल कर विशेष रुप से आदिवासी बच्चों और उनके […]

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ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
May 12, 2023 • 5:33 PM  0
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सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की रोकथाम के लिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग कर जेनेटिक कुंडली बनाये
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12 May 2023
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सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की रोकथाम के लिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग कर जेनेटिक कुंडली बनाये
सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की रोकथाम के लिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग कर जेनेटिक कुंडली बनाये

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी का सुझाव

भोपाल। जानलेवा बीमारी सिकल सेल तथा थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया की संपूर्ण रोकथाम के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े लोगों को मिलजुल कर विशेष रुप से आदिवासी बच्चों और उनके परिजनों के बीच मिशन चलाने की जरूरत है। जिसके तहत अधिकतम व्यक्तियों की जांच और बेहतर स्वास्थ्य मुहैया कराई जायें। इसके साथ ही हमें नवजात शिशुओं की पूरी स्क्रीनिंग करते हुए उसकी जेनेटिक कुंडली भी बनानी होगी ताकि संभावित मरीजों पर आरंभिक दौर में लगाम लगाई जा सके। सिकलसेल के साथ ही हमें थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों पर भी आरंभिक स्तर से ही प्रभावी ढंग से नियंत्रण करने की जरूरत है। हमें ऐसे मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर्स की जरूरत है जो लोगों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ उन्हें इस बीमारी के खिलाफ लड़ने के लिए मोटिवेट भी कर सकें। इसलिये हम मिलजुल कर एक साझा प्रोजेक्ट बनाकर सरकार से अनुमति लें, ताकि उसके लिए पर्याप्त फंडिंग उपलब्ध कराई जा सके।

 

ये बात भोपाल स्थित हिंदी विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य जाने-माने होम्योपैथिक डॉक्टर एके द्विवेदी ने कही। उल्लेखनीय है कि डॉ ए के द्विवेदी पिछले २३ वर्षों से गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज इंदौर में फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफ़ेसर एवं विभागाध्यक्ष भी हैं आप छात्र छात्राओं को रक्त के बारे में विस्तृत रूप से पढ़ाते हैं।आपने कहा कि सिकल सेल और थैलेसीमिया तथा अप्लास्टिक एनीमिया के उपचार के लिये नियमित रूप से आदिवासी क्षेत्रों में लोगों की खून की जांच और मरीजों का कंपलीट ब्लड काउंट किया जाना चाहिए। ।

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