सिंध से हिंद का सफर, युवा को सिंधु संस्कृति से जोड़ने के लिये प्रयास – निखिल मेठिया

  नई दिल्ली, अगस्त 27 :भारतीय सिंधु सभा युथ विंग और सिंधी साहित्य अकादमी द्वारा “द जर्नी ऑफ सिंधी” नामक एक अतिभव्य कार्यक्रम का आयोजन …

ममता चौधरी
ममता चौधरी Verified Public Figure • 16 Apr, 2026 Author
August 27, 2025 • 7:57 PM  0
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सिंध से हिंद का सफर, युवा को सिंधु संस्कृति से जोड़ने के लिये प्रयास – निखिल मेठिया
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27 Aug 2025
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सिंध से हिंद का सफर, युवा को सिंधु संस्कृति से जोड़ने के लिये प्रयास – निखिल मेठिया
सिंध से हिंद का सफर, युवा को सिंधु संस्कृति से जोड़ने के लिये प्रयास – निखिल मेठिया

 

नई दिल्ली, अगस्त 27 :भारतीय सिंधु सभा युथ विंग और सिंधी साहित्य अकादमी द्वारा “द जर्नी ऑफ सिंधी” नामक एक अतिभव्य कार्यक्रम का आयोजन ९ अगस्त, रक्षाबंधन की शाम (शनिवार) को सरदार पटेल भवन, शाहीबाग, कर्णावती (अहमदाबाद) में किया गया। इस अद्भुत कार्यक्रम में सिंध के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला गया।

सिंधी जो पहले भी अखण्ड भारत के निवासी थे, आज भी भारत के निवासी हैं।”

सिंध, जो अखण्ड भारत का अभिन्न अंग था, १४ अगस्त १९४७ को भारत की आज़ादी के समय सिंधियों को अपनी मातृभूमि छोड़नी पड़ी। उन्हें अपनी ज़मीन, जायदाद, गहने और सर्वस्व त्यागकर भारत आना पड़ा।

इस विभाजन में पंजाब को आधा पंजाब और बंगाल को आधा बंगाल मिला, किंतु सिंधियों को अपनी मातृभूमि का कोई भाग नहीं मिला।

ममता चौधरी Verified Public Figure • 16 Apr, 2026 Author

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