कुलगुरु ने एमपीयूएटी में फहराया तिरंगा, सतत विकास पर जोर
उदयपुर में एमपीयूएटी के कुलगुरु डॉ. अजीत कर्नाटक ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया, सतत कृषि विकास का संदेश दिया।
उदयपुर, 16 अगस्त 2025: महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर ने 79वें स्वतंत्रता दिवस को उत्साह और गर्व के साथ मनाया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने सुबह 9:15 बजे प्रशासनिक कार्यालय प्रांगण में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए उनके साहस और सपनों को नमन किया।
डॉ. कर्नाटक ने अपने संबोधन में कहा, “यह स्वतंत्रता हमें अनगिनत वीरों के त्याग और समर्पण से मिली है। आज का दिन न केवल उत्सव का है, बल्कि एक आत्मनिर्भर और सतत भारत के निर्माण का संकल्प लेने का भी है।” उन्होंने कृषि क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए वैज्ञानिकों, किसानों और सरकारी नीतियों की भूमिका की सराहना की।
कृषि में नवाचार और उपलब्धियां
कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की अनुसंधान उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। पिछले पांच वर्षों में एमपीयूएटी ने मक्का की पांच नई किस्में विकसित की हैं, जो फसल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय की प्रसार वैज्ञानिक टीमें “विकसित कृषि संकल्प अभियान” में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जिसकी शुरुआत केंद्रीय कृषि मंत्री ने की थी। डॉ. कर्नाटक ने इस अभियान में वैज्ञानिकों के योगदान की प्रशंसा की और इसे कृषि क्षेत्र में नवाचार का प्रतीक बताया।
प्रताप गौरव सम्मान समारोह
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट योगदान के लिए “प्रताप गौरव” पुरस्कारों की घोषणा की। दो प्राध्यापकों, पांच सह-शैक्षणिक कर्मचारियों और 17 विद्यार्थियों को उनकी प्रतिबद्धता और उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और भीलवाड़ा जिलों के 16 प्रगतिशील किसानों को कृषि में नवाचार और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।