अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव ‘यथा कथा’ के तीसरे सत्र में ईरान और इजरायल की फिल्मों ने मचाई धूम
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव ‘यथा कथा’ का सफल आयोजन : ईरान और इजरायल की फिल्मों ने किया आकर्षित मुंबई के एल एस रहेजा कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव ‘यथा कथा’ ने एक बार फिर सिनेमा और साहित्य प्रेमियों को अपने अद्भुत अनुभव से मंत्रमुग्ध कर दिया। इस महोत्सव में […]
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव ‘यथा कथा’ का सफल आयोजन : ईरान और इजरायल की फिल्मों ने किया आकर्षित
मुंबई के एल एस रहेजा कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव ‘यथा कथा’ ने एक बार फिर सिनेमा और साहित्य प्रेमियों को अपने अद्भुत अनुभव से मंत्रमुग्ध कर दिया। इस महोत्सव में ईरान, इजरायल, यूक्रेन, इटली, जापान आदि सहित 20 से अधिक देशों से 179 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं जिनमें ईरान और इजरायल की फिल्में खास आकर्षण का केंद्र रहीं।
चार दिवसीय यथाकथा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव धूमधाम से समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ईरान कल्चर हाउस के डायरेक्टर मोह्हमद रेज़ा फ़ज़ल, अभिनेता धीरज कुमार और मुंबई की जी एस टी कमिश्नर स्मिता सोमाने जी ने फिल्म और साहित्य के पुरस्कारों के साथ ही राजभाषा हिंदी और मैथिली भाषा के विशिष्ट सम्मानों का भी वितरण किया।
इस महोत्सव में देश विदेश से आयी बेहतरीन फिल्मों और साहित्य की झलक के अलावा कई ज्ञानवर्धक पैनल चर्चाएं हुईं , जिनमें विशेष रूप से एल जी बी टी क्यू के मुद्दे, मुंबई में बढ़ते मेट्रो क्राइम का बदलता चेहरा, कोलोनोनिअल विचारधारा का लेखन पर बढ़ता प्रभाव, भारतीय युवाओं में पारम्परिक मीडिया और सोशल मीडिया का बढ़ता चलन, ओ टी टी के निरंतर बदलते तेवर तथा अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर बॉलीवुड के जाने माने सितारों ने अपने अनुभव और विचार साझा किये।
ईरान और इजरायल से आए प्रतिनिधियों ने फिल्मकारों के साथ संवाद किया और उनके काम को सराहा, साथ ही यह भी जताया कि कला और सिनेमा की कोई सीमा या राष्ट्रीयता नहीं होती। इस आयोजन ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को और मजबूत किया, और इस अवसर पर फिल्म उद्योग के दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की फिल्मों की सराहना की।
यथाकथा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और साहित्य महोत्सव में इस वर्ष ईरान विशेष फोकस में रहा जिसमें ईरान से आयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
ईरान कल्चर हाउस मुंबई के निदेशक मोहम्मद रेज़ा फ़ज़ल ने कहा, “यह महोत्सव सिनेमा के माध्यम से अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के बीच समझ और सम्मान को बढ़ावा देने का एक अद्भुत मंच है। हम बेहद खुश हैं कि ईरान की फिल्मों को यहां सराहा गया।” इतना ही नहीं उन्होंने यथाकथा फेस्टिवल की टीम और विशेषकर यथाकथा की फाउंडर चारु शर्मा को उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी।