मानस रामरक्षा।। ‘दिन-९’ दिनांक-१७अगस्त कथा क्रमांक-९६१
अश्रुभरी आंखो से हुआ मोम्बासा कथा का समापन, अगली-९६२वीं रामकथा २३ अगस्त से पॉलेन्ड से शुरु होगी।। राम, रामनाम, रामकथा, राम दर्शन की लालसा …
- अश्रुभरी आंखो से हुआ मोम्बासा कथा का समापन, अगली-९६२वीं रामकथा २३ अगस्त से पॉलेन्ड से शुरु होगी।।
- राम, रामनाम, रामकथा, राम दर्शन की लालसा और परम की पादूका हमारी रक्षा करते है।।
- विभूतियों का अंत नहीं तो विभु का अंत कैसे होगा!
- भारत पद का नहि, पादूका का पूजक है।
अहमदाबाद (गुजरात), अगस्त 18 : अरुणभाइ और प्रमिलाबेन सोमाणी(मामा-मामी) परिवार के मनोरम मनोरथ से मोम्बासा में बह रही रामकथा का विराम दिन,सब की आंखे भीगी-भीगी और मौन!
सुनु मुनि तोहिं कहहुं सहरोसा।
भजहि जे मोहिं तजि सकल भरोसा।।