बैंक ऑफ इंडिया ने Q3 FY26 में रचा नया रिकॉर्ड, मुनाफा 7% बढ़ा

बैंक ऑफ इंडिया ने Q3 FY26 में 7% की वृद्धि के साथ ₹2,705 करोड़ शुद्ध मुनाफा कमाया। ग्लोबल बिजनेस ₹16 लाख करोड़ पार, ग्रॉस NPA 2.26% पर गिरा।

Jan 23, 2026 - 12:35
 0
बैंक ऑफ इंडिया ने Q3 FY26 में रचा नया रिकॉर्ड, मुनाफा 7% बढ़ा
बैंक ऑफ इंडिया ने Q3 FY26 में रचा नया रिकॉर्ड, मुनाफा 7% बढ़ा

मुंबई: सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शुमार बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में मजबूत और संतुलित वित्तीय प्रदर्शन पेश किया है। बैंक ने न केवल मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, बल्कि एसेट क्वालिटी में सुधार, क्रेडिट ग्रोथ और डिजिटल विस्तार के मोर्चे पर भी नई ऊंचाइयां छुईं।

तिमाही के दौरान बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़कर ₹4,193 करोड़ रहा। नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) में यह आंकड़ा 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹12,023 करोड़ पर पहुंच गया। शुद्ध मुनाफे में भी स्थिरता और सुधार दिखा—तिमाही में यह 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,705 करोड़ हो गया, जबकि नौ महीनों का नेट प्रॉफिट 14 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ ₹7,511 करोड़ रहा।

बैंक के मुख्य वित्तीय संकेतकों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) तिमाही में 0.96 प्रतिशत पर पहुंच गया, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 15.34 प्रतिशत रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) के मामले में बैंक ने स्थिरता बनाए रखी। ग्लोबल NIM तिमाही में स्थिर रहा, जबकि नौ महीनों के लिए यह क्रमशः 2.51 प्रतिशत और 2.76 प्रतिशत दर्ज किया गया।

क्रेडिट विस्तार के मोर्चे पर बैंक ने खासा प्रभावशाली प्रदर्शन किया। घरेलू एडवांसेज में 15.16 प्रतिशत और ग्लोबल एडवांसेज में 13.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक का कुल ग्लोबल बिजनेस पहली बार ₹16 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया। सेगमेंट-वाइज देखें तो रिटेल एडवांसेज में 20.64 प्रतिशत, कृषि ऋण में 16.69 प्रतिशत, एमएसएमई में 15.77 प्रतिशत और कॉरपोरेट एडवांसेज में 11.32 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ रही। रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) सेगमेंट की कुल एडवांसेज में हिस्सेदारी बढ़कर 58.54 प्रतिशत हो गई, जो बैंक की रिटेल-केंद्रित रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

जमा (डिपॉजिट) पक्ष पर भी बैंक ने अच्छा प्रदर्शन किया। कुल जमा में 11.64 प्रतिशत और घरेलू जमा में 12.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि CASA (करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट) जमा 4.48 प्रतिशत बढ़कर कुल जमा का 37.97 प्रतिशत हो गया, जो कम लागत वाली फंडिंग का मजबूत आधार प्रदान करता है।

एसेट क्वालिटी में आई सुधार बैंक के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर 2.26 प्रतिशत पर आ गया, जबकि नेट NPA 0.60 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया। प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) बढ़कर 93.60 प्रतिशत हो गया, जो बैंक की मजबूत जोखिम प्रबंधन क्षमता को रेखांकित करता है। क्रेडिट कॉस्ट में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा।

डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में बैंक ने तेजी से प्रगति की। तिमाही में 7 लाख से अधिक नए ग्राहक डिजिटल चैनलों से जुड़े, जिसके परिणामस्वरूप कुल UPI ग्राहकों की संख्या 242 लाख से अधिक हो गई। वैकल्पिक चैनलों (मोबाइल, इंटरनेट बैंकिंग, UPI आदि) के माध्यम से होने वाले लेन-देन की हिस्सेदारी में भी लगातार इजाफा हो रहा है, जो ग्राहक व्यवहार में बदलाव और बैंक की डिजिटल रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, बैंक ऑफ इंडिया ने इस तिमाही में मुनाफे की स्थिर वृद्धि, बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ तथा डिजिटल विस्तार के जरिए एक संतुलित और सकारात्मक प्रदर्शन पेश किया है। यह नतीजे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने के दौर में बैंक की मजबूत स्थिति को रेखांकित करते हैं और आने वाले समय में भी निरंतर सुधार की उम्मीद जगाते हैं।