उर्वशी रौतेला का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बयान

उर्वशी रौतेला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा, भारत हर कुत्ते को वैक्सीन और नसबंदी दे सकता है। पशु कल्याण पर जोर।

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ST Correspondent Verified Media or Organization • 16 Apr, 2026 Team
August 14, 2025 • 8:56 PM  0
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उर्वशी रौतेला का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बयान
उर्वशी रौतेला का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बयान

मुंबई, 14 अगस्त 2025 — बॉलीवुड अभिनेत्री और पशु-प्रेमी उर्वशी रौतेला ने सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों से संबंधित हालिया फैसले पर अपनी भावनात्मक और दृढ़ प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारत की कोविड-19 वैक्सीनेशन ड्राइव का हवाला देते हुए एक प्रेरक बयान दिया, जिसमें उन्होंने आवारा कुत्तों के लिए वैक्सीनेशन और नसबंदी की वकालत की। उर्वशी की यह टिप्पणी न केवल पशु कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि मानवता और आध्यात्मिकता के बीच एक गहरा संबंध भी स्थापित करती है।

उर्वशी ने कहा, “अगर भारत कोविड के दौरान 140 करोड़ लोगों को वैक्सीन दे सकता है, तो हम हर कुत्ते को भी वैक्सीन और नसबंदी कर सकते हैं।” यह बयान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों के मुद्दे पर दिए गए फैसले के संदर्भ में दिया, जो पशु कल्याण और जन सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। उनके इस बयान ने देशभर में पशु-प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का ध्यान खींचा है, जो इसे एक व्यावहारिक और करुणामयी दृष्टिकोण मान रहे हैं।

उर्वशी ने अपने बयान में आध्यात्मिकता को भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि कुत्ते “भगवान भैरव के वाहन और गुरु दत्तात्रेय के साथी” हैं। उनके लिए, आवारा कुत्तों की देखभाल करना केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक पवित्र कर्तव्य है। “यह सिर्फ एनिमल वेलफेयर नहीं, यह हमारा धर्म है,” उन्होंने जोर देकर कहा। उनकी यह बात न केवल पशु-प्रेमियों, बल्कि उन लोगों को भी प्रभावित कर रही है जो इस मुद्दे को धार्मिक और नैतिक दृष्टिकोण से देखते हैं।

भारत में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। एक ओर, ये जानवर कई समुदायों का हिस्सा हैं और लोगों के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव है। दूसरी ओर, रेबीज और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के कारण इनकी आबादी को नियंत्रित करना जरूरी हो गया है। उर्वशी का सुझाव कि भारत अपनी विशाल वैक्सीनेशन क्षमता का उपयोग कर इस समस्या का समाधान कर सकता है, एक नई दिशा प्रदान करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने जिस तरह 140 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने का अभूतपूर्व कार्य किया, उसी तर्ज पर पशु वैक्सीनेशन और नसबंदी अभियान को लागू करने की उनकी बात तार्किक और प्रेरणादायक है।

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